मैं भी बहुत अजीब हूँ इतना अजीब हूँ कि बस ख़ुद को तबाह कर लिया और मलाल भी नहीं
जौन एलिया के शेर
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता
एक ही शख़्स था जहान में क्या
जौन एलिया के शेर
ज़िंदगी किस तरह बसर होगी दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में
जौन एलिया के शेर
बहुत नज़दीक आती जा रही हो
बिछड़ने का इरादा कर लिया क्या
जौन एलिया के शेर
सारी दुनिया के ग़म हमारे हैं
और सितम ये कि हम तुम्हारे हैं
जौन एलिया के शेर
कौन इस घर की देख-भाल करे
रोज़ इक चीज़ टूट जाती है
जौन एलिया के शेर