बरेली: काकोरी कांड की 101वीं बरसी पर शहीदों को किया नमन, मोमबत्ती जलाकर दी श्रद्धांजलि

बरेली में मानव सेवा क्लब ने काकोरी कांड की 101वीं बरसी पर ‘एक दीप शहीदों के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया। डी.डी. पुरम शहीद स्मारक पर मोमबत्ती जलाकर अमर शहीदों को नमन किया गया।


मानव सेवा क्लब ने डी.डी. पुरम शहीद स्मारक पर आयोजित किया ‘एक दीप शहीदों के नाम’ कार्यक्रम

बरेली। मानव सेवा क्लब की ओर से काकोरी कांड की 101वीं बरसी पर ‘एक दीप शहीदों के नाम’ श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। डी.डी. पुरम स्थित शहीद स्मारक पर क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मोमबत्तियां प्रज्वलित कर काकोरी कांड के अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

कार्यक्रम में क्लब अध्यक्ष सुरेंद्र बीनू सिन्हा ने कहा कि काकोरी कांड इतना बड़ा अपराध नहीं था कि उसके अभियुक्तों को फांसी की सजा दी जाती। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों और तत्कालीन बड़े नेताओं की उदासीनता के कारण क्रांतिकारियों को फांसी के दंश को झेलना पड़ा।

साहित्य भूषण सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा कि रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और रोशन सिंह जैसे क्रांतिकारी अत्यंत पराक्रमी और बहादुर थे। उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिला दी थीं। अंग्रेज इन क्रांतिकारियों से भयभीत थे और उनके विरुद्ध कठोर धाराएं लगाकर उन्हें फांसी की सजा दी गई।

मुख्य अतिथि कर्नल पंकज अग्रवाल ने कहा कि काकोरी कांड के 101 वर्ष बाद भी देश शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद कर रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को इन अमर क्रांतिकारियों के साहस, देशभक्ति और बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए।

इस अवसर पर संरक्षक इं. के.बी. अग्रवाल, प्रदीप माधवार, राजेश सक्सेना, नरेश मलिक, अनिल सक्सेना, सीए राजेन विद्यार्थी, सत्येंद्र सक्सेना, जितेंद्र सक्सेना, सुनील कुमार शर्मा, निर्भय सक्सेना, सुधीर मोहन, मीरा मोहन, अभय भटनागर, मीना भटनागर, मंजू लता, गंगाराम पाल, इं. ए.एल. गुप्ता, आर.एन. मेहरोत्रा सहित अनेक लोगों ने एक दीप शहीदों के नाम प्रज्वलित कर अमर क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।