निपुण आकलन, NMMS और SHVR पोर्टल की तैयारियों पर जोर, BEO ने ‘टीचर ऑफ द मंथ’ और ‘स्कूल ऑफ द मंथ’ सम्मान की घोषणा की
बरेली/भुता। विकासखंड भुता के प्रसाद बैंक्विट हॉल में प्रधानाध्यापकों एवं इंचार्ज शिक्षकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकासखंड की विभिन्न न्याय पंचायतों के प्रभारी, शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने, निपुण आकलन की तैयारी, विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राथमिक विद्यालय सिमरा बहोर नगला की प्रधानाध्यापिका डॉ. सरिता गंगवार के निर्देशन में बच्चों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुआ। बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया।
शिक्षकों को निष्ठा और ईमानदारी से दायित्व निभाने की सीख
राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित यूपीएस फैज नगर के शिक्षक जितेंद्र पाल ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करना चाहिए। लगन और समर्पण के साथ किए गए कार्य का सकारात्मक परिणाम निश्चित रूप से सामने आता है।
एआरपी विकास शुक्ला ने उपस्थित शिक्षकों एवं प्रभारियों का स्वागत किया और बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। उन्होंने विद्यालय स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
नवंबर में प्रस्तावित निपुण आकलन की तैयारी पर जोर
एआरपी फहीम अहमद ने आगामी नवंबर में प्रस्तावित निपुण आकलन परीक्षा (NAT) की तैयारियों पर चर्चा की। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के नियमित अभ्यास, सघन तैयारी और उपचारात्मक शिक्षण पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया, ताकि विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार हो सके।

उन्होंने त्रैमासिक परीक्षाओं, खेलकूद प्रतियोगिताओं और आगामी संकुल बैठकों की रूपरेखा भी साझा की तथा सभी विद्यालयों से समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित करने को कहा।
NMMS और SHVR पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन पर ज़ोर
एआरपी विमल अवस्थी ने राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना (NMMS) को लेकर शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों के आवेदन भरे जा चुके हैं, उनकी तैयारी अभी से शुरू कराई जाए।
इसके साथ ही उन्होंने सभी विद्यालयों का SHVR (स्कूल हेल्थ वेरिफिकेशन रिकॉर्ड) पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण कराने के निर्देश दिए।
बैठक में ‘कैच-अप’, ‘रीड कैंपेन’ सहित बच्चों के बुनियादी अधिगम स्तर को मजबूत करने वाले विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों को विद्यालयों में सक्रिय रूप से लागू करने पर भी जोर दिया गया।

समय से विद्यालय पहुंचें शिक्षक: BEO मुकेश कुमार
खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) मुकेश कुमार ने शिक्षकों को समयबद्धता का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचें और समय से ही विद्यालय बंद करें।
उन्होंने पढ़ाई के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद गतिविधियों को भी महत्वपूर्ण बताया। BEO ने शिक्षकों से विद्यालयों में बच्चों की प्रतिभा पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे में कोई विशेष प्रतिभा या टैलेंट दिखाई देता है तो शिक्षक उसकी पहचान कर उसे आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग करें।
टीचर ऑफ द मंथ’ और ‘स्कूल ऑफ द मंथ’ की घोषणा
शिक्षकों और विद्यालयों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा तथा उत्कृष्ट कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए BEO मुकेश कुमार ने दो सम्मान शुरू करने की घोषणा की।
बेहतर शिक्षण कार्य और सक्रिय योगदान देने वाले शिक्षक को ‘टीचर ऑफ द मंथ’ सम्मान दिया जाएगा।
विद्यालय परिसर को सुंदर, आकर्षक और बाल-सुलभ वातावरण देने वाले विद्यालय को ‘स्कूल ऑफ द मंथ’ सम्मान से नवाजा जाएगा

बच्चों के लिए शिक्षक निभाएं शिक्षक और अभिभावक दोनों की भूमिका: BSA डॉ. विनीता
विद्यालयों में पठन-पाठन और बच्चों के सर्वांगीण विकास को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. विनीता ने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय का संचालन और बच्चों का भविष्य पूरी तरह शिक्षकों की लगन और निष्ठा पर निर्भर करता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. विनीता ने कहा कि अक्सर संसाधनों की कमी या अभिभावकों के असहयोग की बात कही जाती है, लेकिन शिक्षकों को यह समझना होगा कि परिषदीय विद्यालयों में आने वाले बच्चों के अभिभावक उतने जागरूक नहीं हैं। उन्होंने शिक्षकों से सीधा सवाल करते हुए पूछा कि यदि वे अभिभावक इतने सक्षम और जागरूक होते, तो क्या स्थिति ऐसी होती?
बीएसए ने जोर देकर कहा कि अपने बच्चों के लिए हम केवल माता-पिता होते हैं, लेकिन विद्यालय में पढ़ने वाले इन बच्चों के लिए शिक्षकों को ‘शिक्षक’ और ‘अभिभावक’ दोनों की दोहरी भूमिका (डबल रोल) निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षक ही इन बच्चों के मार्गदर्शक और अभिभावक हैं। उन्होंने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कई शिक्षक पहले से ही सराहनीय कार्य कर रहे हैं, लेकिन अभी थोड़े और समर्पण और प्रेरणा की आवश्यकता है। अंत में उन्होंने कहा कि थोड़ी और मेहनत से व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

‘सेवा संकल्प अभियान’ में बच्चों ने लगाई प्रदर्शनी
बैठक के दौरान ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित बैनर एवं पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने आकर्षक स्टॉल लगाए, जिनका अधिकारियों और शिक्षकों ने अवलोकन किया। BSA डॉ. विनीता ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना की।
प्रदर्शनी में प्रमुख रूप से पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय डंडिया नवाजिश अली, यूपीएस कंपोजिट विद्यालय रूपापुर,
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV)भुता, कंपोजिट विद्यालय पडौली, कंपोजिट विद्यालय लालपुर मुड़िया और
यूपीएस करेना के बच्चे प्रमुख रूप से शामिल हुए।

कार्यक्रम में एलएलएफ की ब्लॉक कॉर्डिनेटर नेहा, ARP माया भवानी, देश बंधु गंगवार, रोहित कुमार शर्मा, स्काउट प्रभारी डॉ. अल्पना गुप्ता, विनोद दिवाकर, नरेंद्र कुमार, कपिल देव शर्मा, अरविंद तिवारी, सुनील कुमार, अवनीश गंगवार, वासिफ अली, नीतीश पांडे सहित ब्लॉक के शिक्षक एवं संकुल प्रभारी मौजूद रहे।
बैठक के अंत में सभी शिक्षकों और प्रभारियों ने विभागीय लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन अनिल गंगवार ने किया।


