पंडित राधेश्याम कथावाचक के पौत्र काशीनाथ शर्मा का निधन, 86 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

पंडित राधेश्याम कथावाचक के पौत्र एवं उद्यमी काशीनाथ शर्मा का 86 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में निधन हो गया। उनके निधन पर बरेली के सामाजिक, साहित्यिक और आध्यात्मिक जगत की हस्तियों ने शोक व्यक्त किया।

बरेली। प्रख्यात कथावाचक पंडित राधेश्याम कथावाचक के पौत्र एवं उद्यमी काशीनाथ शर्मा का 86 वर्ष की आयु में नई दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। उन्होंने सुबह 10:20 बजे अंतिम सांस ली। वह निमोनिया से पीड़ित थे। परिजनों के अनुसार, उन्हें निधन वाले दिन सुबह ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर शाम उनकी अंत्येष्टि की गई।

काशीनाथ शर्मा सामाजिक एवं सेवा गतिविधियों में भी सक्रिय रहे। वह रोटरी क्लब और लायंस क्लब से जुड़े थे। उनके निधन की सूचना से बरेली के साहित्यिक, सामाजिक और आध्यात्मिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

सामाजिक और साहित्यिक जगत ने जताया शोक

काशीनाथ शर्मा के निधन पर मानव सेवा क्लब के अध्यक्ष सुरेंद्र बीनू सिन्हा, इंद्र देव त्रिवेदी, निर्भय सक्सेना, प्रकाश चंद्र सक्सेना, मुकेश सक्सेना और सुधीर मोहन ने गहरा दुख व्यक्त किया तथा शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं।

जयपुर के साहित्यकार हरिशंकर शर्मा ने भी उनके निधन पर शोक जताया। हरिशंकर शर्मा ने पंडित राधेश्याम कथावाचक के जीवन और साहित्य पर दो दर्जन पुस्तकें लिखी हैं।

‘उनका स्नेह और मार्गदर्शन सदैव स्मरणीय रहेगा’

पंडित राधेश्याम कथावाचक शोध पीठ की समन्वयक अनीता त्यागी ने काशीनाथ शर्मा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका अगाध स्नेह, वात्सल्य और आत्मीय मार्गदर्शन सदैव हृदय में अंकित रहेगा। उनके जाने से साहित्य, शोध परिवार और पूरे कुटुंब में एक ऐसा शून्य उत्पन्न हुआ है, जिसकी भरपाई कठिन है।

अखिल भारतीय श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल के आदि अध्यक्ष ने भी काशीनाथ शर्मा के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि काशीनाथ शर्मा अध्यात्म जगत के देदीप्यमान नक्षत्र थे। श्री राधा माधव सरकार के प्रति उनकी श्रद्धा और समर्पण के साथ उनका मार्गदर्शन सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहा।

श्री रामायण मंदिर प्रबंध समिति और राधा माधव संकीर्तन मंडल ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।

काशीनाथ शर्मा का निधन सामाजिक, साहित्यिक और आध्यात्मिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके स्नेह, सेवा भाव और स्मृतियों को लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।