मौलाना तौसीफ मजहरी की मौत पर CBI जांच की मांग तेज

परिजनों और समाज के लोगों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बढ़ा आक्रोश, उच्च स्तरीय जांच की उठी मांग घटना को लेकर इलाके में तनाव, जल्द कार्रवाई की मांग

परिजनों और समाज के लोगों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

पूरनपुर/पीलीभीत। मौलाना तौसीफ मजहरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना को लेकर परिजनों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्र के लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।

इसी क्रम में बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर तहसील प्रशासन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने पहुंचे और पूरे मामले की केंद्रीय जांच एजेंसी CBI से जांच कराने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि मौलाना तौसीफ मजहरी की मौत सामान्य घटना नहीं है, बल्कि इसमें कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब मिलना अभी बाकी है। ज्ञापन सौंपने वालों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यदि मामले की शुरुआत से गंभीरता से जांच की जाती तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते थे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ आर्थिक सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परिवार इस समय गहरे सदमे में है और उन्हें प्रशासनिक सहयोग की आवश्यकता है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान क्षेत्र के कई सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए मामले को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

ज्ञापन देने वालों में संजय खान, हाफिज जाविद, मौलाना आमिर रजा खान, मुफ्ती रफी मोहम्मद हुसैनी सहित बड़ी संख्या में सामाजिक और धार्मिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और लोग अब जांच के अगले कदम पर नजर बनाए हुए हैं।