बरेली में भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन, कवि-शायर हुए सम्मानित
डॉ राकेश सिंह के काव्य संग्रह “हटकर” पर विमर्श, चुनिंदा कलाम ने बांधा समां
बरेली। रचनात्मक लेखन मंच न्यास वाराणसी की बरेली उपशाखा एवं कोटक लाइफ के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को एक भव्य काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कवयित्री विनीता सिसोदिया के मार्गदर्शन में उनके कार्यालय पर संपन्न हुआ, जिसकी अध्यक्षता मशहूर शायर विनय सागर जायसवाल ने की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कवि हिमांशु श्रोतिय ‘निष्पक्ष’ एवं विशिष्ट अतिथि शायरा सत्यवती सिंह ‘सत्या’ रहीं। संचालन कवि रोहित राकेश ने किया, जबकि माँ शारदे की वंदना हास्य कवि मनोज दीक्षित ‘टिंकू’ द्वारा प्रस्तुत की गई।

इस अवसर पर पूर्व आईजी डॉ. राकेश सिंह के काव्य संग्रह “हटकर” पर विशेष विमर्श किया गया तथा उनकी चुनिंदा कविताओं का वाचन भी हुआ।
काव्य गोष्ठी में कई शायरों और कवियों ने अपने बेहतरीन कलाम से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
फ़हीम करार ने पढ़ा—
“प्रेम का पुंज तुम, मैं अंधेरा घना,
एक साधक हूं मैं, तुम मेरी साधना।
आ गया हूं मैं उस मोड़ पर प्रेम के,
सुख की अनुभूति देती है प्रताड़ना।”
वहीं शायरा सत्यवती सिंह ‘सत्या’ ने अपने अंदाज़ में कहा—
“वो जो नज़रें झुकाये बैठे हैं,
वो मेरा दिल चुराये बैठे हैं।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शायर विनय सागर जायसवाल ने भी अपने कलाम से वाहवाही लूटी—
“यह हुनर दिल में ढाल कर रखना,
घर की इज़्ज़त संभाल कर रखना।”

इसके अलावा निरुपमा अग्रवाल, मनीषा आहूजा, नीतू गोयल, राजबाला धैर्य, लोटा मुरादाबादी, दीपक मुखर्जी, राज शुक्ल ‘ग़ज़लराज’, कमल श्रीवास्तव, अम्न बरेलवी, शान ज़िया, अली कामरान, रामधनी ‘निर्मल’, मनोज सक्सेना, ब्रजेंद्र तिवारी ‘अकिंचन’, हरिकांत मिश्रा ‘चातक’, अभिषेक अग्निहोत्री, गरिमा भारद्वाज, डॉ. अखिलेश गुप्ता सहित अनेक रचनाकारों ने भी अपने काव्य पाठ से समां बांध दिया।

कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष शायर विनय सागर जायसवाल को संस्था एवं कोटक लाइफ की ओर से शॉल, प्रतीक चिन्ह और उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी कवि-कवयित्रियों और शायरों को भी गिफ्ट पैक देकर सम्मानित किया गया।
यह आयोजन साहित्य प्रेमियों के लिए एक यादगार शाम साबित हुआ, जहां शब्दों की मिठास और भावनाओं की गहराई ने हर किसी का दिल छू लिया।





