सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में लखनऊ एसटीएफ ने रविवार सुबह मुठभेड़ के दौरान एक लाख के इनामी गैंगस्टर सिराज अहमद को मार गिराया। सिराज पिछले 28 महीनों से फरार चल रहा था और सात थानों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी। अंततः मामले की जिम्मेदारी एसटीएफ को सौंपी गई, जिसने गंगोह क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान उसे ढेर कर दिया।
सिराज अहमद सुल्तानपुर जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित लोलेपुर गांव का रहने वाला था। वह कुख्यात माफिया डॉन मुख्तार अंसारी गैंग का शार्प शूटर बताया जाता है और मुन्ना बजरंगी का भी करीबी रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सिराज हत्या, लूट, रंगदारी समेत 30 से अधिक संगीन मामलों में वांछित था।
2006 से शुरू हुआ अपराध का सफर
रिटायर्ड आर्मी मैन मंसूर अहमद का बेटा सिराज शुरुआती दौर में सामान्य जीवन जी रहा था, लेकिन वर्ष 2006 में एक मामूली मारपीट और लूट के मामले में नाम आने के बाद वह अपराध की दुनिया में उतरता चला गया। समय के साथ वह हार्डकोर अपराधी बन गया और उसके खिलाफ कुल 28 से अधिक मुकदमे दर्ज हुए, जिनमें से अधिकांश में उसे जमानत मिल गई थी।
अधिवक्ता आजाद अहमद हत्याकांड का मुख्य आरोपी
सिराज अहमद 6 अगस्त 2023 को सुल्तानपुर के भुलकी चौराहे पर अधिवक्ता आजाद अहमद की गोली मारकर हत्या करने का मुख्य आरोपी था। इस घटना में आजाद के भाई मुन्नौवर भी घायल हुए थे। मामले में आठ से अधिक लोगों के नाम सामने आए थे, जिनमें से अधिकांश को पुलिस जेल भेज चुकी थी, जबकि सिराज फरार चल रहा था।
पीड़ित परिवार को लगातार मिल रही थीं धमकियां
अधिवक्ता आजाद अहमद की हत्या के बाद से उनके परिजन दहशत में थे। फरार सिराज के करीबी लगातार परिवार को धमकियां दे रहे थे। बीते 5 जुलाई को आजाद के पिता मो. सलीम पर लोहरामऊ ओवरब्रिज के पास जानलेवा हमला भी किया गया था, जिसमें वे बाल-बाल बच गए थे।
अपराध से अर्जित संपत्ति
पुलिस जांच में सामने आया कि सिराज ने अपराध से अर्जित धन से गांव में पक्का मकान, सुल्तानपुर और लखनऊ में कीमती प्लॉट, मुल्की क्षेत्र में सीमेंटेड पाइप बनाने की फैक्टरी और करीब आठ बीघा जमीन खरीदी थी। उसका गैंग नौ सदस्यों का बताया गया है।
एनकाउंटर के बाद राहत
सिराज अहमद के मारे जाने की सूचना मिलने के बाद अधिवक्ता आजाद अहमद के परिजनों ने संतोष और राहत जताई। परिवार ने एसटीएफ और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से पीड़ित परिवार के घर पर पुलिस बल तैनात कर दिया है।
अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है।






