उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जन-आक्रोश महिला सम्मेलन आयोजित, 33% आरक्षण पर सरकार का बड़ा संदेश
बरेली, 24 अप्रैल।
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में शुक्रवार को इनवर्टिस यूनिवर्सिटी परिसर में जन-आक्रोश महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं के अधिकार, विशेषकर 33 प्रतिशत आरक्षण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
उप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस दिशा में प्रयास किया गया, लेकिन विपक्ष के विरोध के चलते यह ऐतिहासिक कदम पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष का सहयोग मिलता, तो यह विधेयक पारित हो सकता था।
उन्होंने पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को मिले आरक्षण का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे महिला नेतृत्व को मजबूती मिली है और आज कई स्थानों पर महिलाएं सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “ना हम हिम्मत हारे हैं, ना हमारा हौसला टूटा है, मातृ शक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाकर रहेंगे।” उन्होंने कहा कि महिलाओं को अवसर मिलने पर वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने सावित्री, रानी लक्ष्मी बाई और सावित्रीबाई फुले के उदाहरण देते हुए नारी शक्ति की भूमिका को रेखांकित किया।
उन्होंने सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खोले गए, शौचालय, आवास, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन तथा “लखपति दीदी” जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है।
वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि सरकार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन विपक्ष के कारण यह संभव नहीं हो पाया।

महापौर डॉ. उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल तथा सांसद छत्रपाल गंगवार सहित अन्य वक्ताओं ने भी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों पर जोर देते हुए विपक्ष पर निशाना साधा।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
“लखपति दीदी” जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है।
केशव प्रसाद मौर्या – उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश





