अखिल भारतीय उत्तराखंड महासभा के 10वें हरेला महोत्सव में प्रतिभाओं, वरिष्ठ नागरिकों और संस्कृतिकर्मियों का सम्मान, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
बरेली। उत्तराखंड वासियों ने सदैव से अपने राष्ट्र को सर्वोपरि माना है फिर चाहे वह वहां के वासी हो या यहां के प्रवासी l उक्त विचार अखिल भारतीय उत्तराखंड महासभा के दसवें हरेला महोत्सव में व्यक्त करते हुए अनिल कुमार सक्सेना एडवोकेट वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी नेता ने व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि कालांतर में उत्तर प्रदेश बनने से पूर्व उत्तराखंड में मात्र 8 जिले हुआ करते थे और उन आठ जिलों में गढ़वाल रेजीमेंट सेंटर और कुमाऊं रेजीमेंट सेंटर में भर्ती उत्तराखंड के जवानों ने सदैव से भारत की सीमाओं की रक्षा करते हुए बढ़-चढ़ कर अपना बलिदान दिया है l
महिला सशक्तिकरण सम्मान प्राप्त श्रीमती चंद्रा देवलिया ने अपने संबोधन में कहा कि हमें गर्व है कि हम उत्तराखंड वासी जहां भी जिस भी हाल में रहते हैं सदैव अपने राष्ट्र का हित प्रथम स्थान पर रहता है l

उन्होंने कहा कि हरेला पर्व हमारे उत्तराखंड का महत्वपूर्ण पर्व है और आज पर्यावरण संरक्षण को लेकर हरेला पर्व की प्रासंगिकता संपूर्ण देश ने स्वीकार की है l
इस अवसर पर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद घिल्डियाल ने महासभा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बिगत 2008 में महासभा की स्थापना के बाद से बरेली इकाई ने 17 बसंत उत्सव वह विगत में लगातार बिना रुके बिना थमे दसवें हरेला महोत्सव तक अपनी यात्रा निर्बाध गति से जारी रखी है l
उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं व बरेली महानगर के प्रवासियों का विशेष सहयोग यदि न प्राप्त होता तो महासभा यहां तक पहुंचने में कामयाब न होती l कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राजेश अग्रवाल पार्षद ने कहा कि बरेली उत्तराखंड की देहरी है और हमारे बरेली के उद्योग व यहां का व्यापार उत्तराखंड पर बहुत तरह से निर्भर करता है l
उन्होंने कहा कि मैं लंबे समय से उत्तराखंड प्रवासियों के बीच में रहा हूं और मुझे जानकारी है की ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा व राष्ट्रभक्ति उत्तराखंड के हर व्यक्ति के अंदर कूट-कूट कर भरी हुई है l

महासभा के संरक्षक वह विशिष्ट अतिथि डॉक्टर दीप पंत ने महासभा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सामाजिक व सांस्कृतिक सरोकारों से महासभा नित्य नए आयाम गढ़ रही है l
महासभा के जिला महामंत्री चंदन सिंह नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि आज प्रतिभाशाली बालक बालिकाओं का सम्मान, वृद्ध जन सम्मान व विशेष रूप से संस्कृत कर्मियों का भी सम्मान किया गया l
सांस्कृतिक प्रभारी आनंद रोदियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि आज के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अल्मोड़ा, हल्द्वानी, रानीखेत व खटीमा के साथ ही स्थानीय बाल कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियां कार्यक्रम में प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विशेष रूप से पूरन सिंह दानू जगदीश आर्य, चंद्रप्रकाश जोशी देवेंद्र सिंह खेड़ा, श्रीमती सोमवती परिहार, भावना राणा, तारा पांडे का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम के अंत में महासभा के जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह देवलिया ने सभी दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूरी तरह से पर्यावरण को समर्पित इस कार्यक्रम में दर्शकों हेतु वन विभाग के सौजन्य से तुलसी का पौधा प्रदान किया गया है।
उन्होंने सभी से अपील की कि यह तुलसी का पौधा अपनी माता के नाम से अपने घर में लगाएं l कार्यक्रम के अंत में सभी संस्कृती कर्मियों, वरिष्ठजन व प्रतिभाशाली बालक बालिकाओं को पुरस्कार वितरण किया गया l
कार्यक्रम में मुख्य रूप से सर्वश्री कर्नल एम सी पंत, दामोदर लोहानी, जै. सी काला, पुष्कर सिंह राणा, दीवान चंद्र, पुष्कर सिंह बोरा, के. सी. जोशी, सतीश नैथानी, सुनील चौहान, कुंवर सिंह बिष्ट, पुष्कर सिंह राणा, गिरीश चंद्र पांडे, उमेश बिनवाल, विनोद जोशी, प्रवीण सिंह नेगी, मोहन सिंह रावत, के चौधरी, खेम सिंह, तेज सिंह नेगी, भास्कर सिंह रावत, हेमंत डिमरी, भारत जोशी व मुकुल भट्ट का भी विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।




