शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में बेटियाँ निरंतर आगे बढ़ रही हैं, यह हर्ष की बात है : आनंदीबेन पटेल

बरेली के महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ऑनलाइन संबोधित किया। 1,00,631 विद्यार्थियों को उपाधि, 85 स्वर्ण पदक विजेताओं का सम्मान और डी.लिट. उपाधि प्रदान की गई।

एमजेपी रोहिलखंड विश्वविद्यालय का 24वां दीक्षांत समारोह: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ऑनलाइन संबोधित किया, 85 स्वर्ण पदक विजेताओं का सम्मान

बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय का 24वां दीक्षांत समारोह सोमवार को गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। खराब मौसम के कारण कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल बरेली नहीं पहुंच सकीं, लेकिन उन्होंने राजभवन, लखनऊ से ऑनलाइन जुड़कर समारोह को संबोधित किया और विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का ऑनलाइन अनावरण किया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) के अंतर्गत नवीनीकृत कृषि एवं प्रौद्योगिकी संकाय का लोकार्पण तथा एचपीवी टीकाकरण अभियान के प्रमाणपत्रों का वितरण भी किया गया।

बरेली स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह को ऑनलाइन संबोधित करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। समारोह में 1,00,631 विद्यार्थियों को उपाधि और 85 स्वर्ण पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया।
स्वर्ण पदक विजेताओं में बेटियों ने मारी बाजी।


अपने संबोधन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि स्वर्ण पदक विजेताओं में बेटियों की संख्या अधिक होना गर्व का विषय है और यह शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उनकी बढ़ती भागीदारी का प्रमाण है।

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने, महिला स्वास्थ्य के लिए एचपीवी टीकाकरण को बढ़ावा देने तथा डिजिलॉकर के माध्यम से उपाधि वितरण व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने युवाओं को स्टार्टअप, स्वरोजगार और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान भी किया।

समारोह में मुख्य अतिथि भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग के पूर्व संयुक्त सचिव डॉ. राकेश कुमार, विशिष्ट अतिथि प्रो. पी.बी. सिंह तथा बरेली सांसद छत्रपाल गंगवार उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय को नैक द्वारा A++ ग्रेड तथा यूजीसी की कैटेगरी-1 का दर्जा प्राप्त है।

उन्होंने शोध, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित बी.टेक पाठ्यक्रम सहित विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी।


दीक्षांत समारोह में 1,00,631 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 62 प्रतिशत छात्राएं और 38 प्रतिशत छात्र शामिल रहे। समारोह का मुख्य आकर्षण 85 स्वर्ण पदक विजेता रहे, जिनमें 71 छात्राएं और 14 छात्र शामिल थे। सभी स्वर्ण पदक विजेताओं को मंच पर सम्मानित किया गया।

पारंपरिक जयपुरी लाख की चूड़ियों की हस्तकला में उल्लेखनीय योगदान के लिए इस्लाम अहमद को मानद डी.लिट. उपाधि से सम्मानित किया गया। वहीं प्रो. विनय ऋषिवाल और डॉ. सचिन कुमार को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान प्रदान किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ. राकेश कुमार ने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य समाज की सेवा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप उपलब्धियों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और सेवा भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

सांसद छत्रपाल गंगवार ने भी उपाधि एवं पदक प्राप्तकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब उनकी वास्तविक परीक्षा समाज में शुरू होती है और उन्हें अपनी शिक्षा का उपयोग समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए करना चाहिए।

समारोह के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के विद्यालयों के प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया गया तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी प्रोत्साहन सामग्री वितरित की गई। अंत में कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने सभी अतिथियों का सम्मान किया और कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे