खराब मौसम के बावजूद जारी है आस्था का सिलसिला, फिलहाल बालटाल मार्ग से संचालित हो रही यात्रा
जम्मू/बरेली, 2 अगस्त। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा में 31 जुलाई तक 4.50 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या वर्ष 2025 की तुलना में अधिक बताई जा रही है।
3880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा तक पहुंचने वाली यात्रा के दौरान लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण कई बार यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई। फिलहाल सुरक्षा और मार्ग की स्थिति को देखते हुए बालटाल मार्ग से सीमित रूप में यात्रा संचालित की जा रही है, जबकि पहलगाम मार्ग अभी बंद है।
श्राइन बोर्ड के अनुसार मौसम सामान्य होने पर यात्रा पुनः दोनों मार्गों से शुरू की जाएगी। इस वर्ष हेलीकॉप्टर सेवा भी प्रभावित रही।
मान्यता प्राप्त स्वतंत्र पत्रकार निर्भय सक्सेना ने बताया कि उन्हें 20 जुलाई को बालटाल मार्ग से पांचवीं बार बाबा बर्फानी के दर्शन का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि इस बार उनकी पत्नी मधुरिमा सक्सेना के हाल ही में निधन के कारण यात्रा भावनात्मक रूप से बेहद कठिन रही।
यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने कई स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण और सुरक्षा रेलिंग का कार्य किया है। यात्रियों की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी कैमरे तथा सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती की गई है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2012 में सर्वाधिक 6.35 लाख श्रद्धालुओं ने अमरनाथ यात्रा की थी। वर्ष 2024 में लगभग 5.10 लाख तथा 2025 में 4.10 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।

अमरनाथ यात्रा से लौटने के बाद 31 जुलाई को बरेली के सिविल लाइंस हनुमान मंदिर में भोजन पैकेट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर निर्भय सक्सेना, पुत्तन सक्सेना, अशोक शर्मा, ठाकुर शुभम सिंह, सुयोग्य सिंह तथा अन्य सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मानव सेवा क्लब, बरेली एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद, ब्रज प्रांत की ओर से पत्रकार निर्भय सक्सेना का पांचवीं बार अमरनाथ यात्रा पूर्ण करने पर सम्मान भी किया गया।
निर्भय सक्सेना बरेली के वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं समाजसेवी हैं। वे लंबे समय से जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और जनहित के कार्यक्रमों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग उनकी पहचान है। पत्रकारिता के साथ-साथ वे विभिन्न सामाजिक एवं साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
समाज में जागरूकता, संवाद और सकारात्मक परिवर्तन के लिए उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है




