बरेली: जिला अस्पताल की सभी सेवाओं को एक छत के नीचे लाने की कवायद तेज, शासन ने सीएमएस से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

बरेली जिला अस्पताल के सभी विभागों को एक ही परिसर में एकीकृत करने की दिशा में शासन ने पहल की है। CMS से जर्जर भवनों, साइट प्लान और पुनर्विकास का प्रस्ताव मांगा गया है।

जर्जर भवनों को ध्वस्त करने, विभागों के एकीकरण और नए बहुमंजिला मेडिकल परिसर की योजना पर मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट; स्पाइनल इंजरी सेंटर व आयुर्वेदिक कॉलेज को भी शामिल करने का सुझाव



बरेली। महाराणा प्रताप जिला चिकित्सालय की सभी चिकित्सा सेवाओं को एक ही परिसर में एकीकृत करने की दिशा में शासन ने पहल तेज कर दी है। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विभाग ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) से जिला अस्पताल परिसर का विस्तृत प्रस्ताव, साइट प्लान और जर्जर भवनों का विवरण मांगा है। इसके साथ ही उन भवनों की सूची भी तलब की गई है जिन्हें ध्वस्त कर नए बहुमंजिला भवनों का निर्माण किया जा सकता है।

अधीक्षण अभियंता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं रवि कुमार ने 22 जून 2026 को जारी पत्र के माध्यम से सीएमएस से जिला अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर यह बताने को कहा है कि कौन-कौन से भवन जर्जर हैं, उनका लोक निर्माण विभाग से मूल्यांकन कराया जाए तथा किन विभागों को एकीकृत कर एक ही भवन में संचालित किया जा सकता है। शासन स्तर पर इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

स्वतंत्र पत्रकार निर्भय सक्सेना ने बताया कि उन्होंने जिला अस्पताल की सभी सेवाओं को एक छत के नीचे लाने, आयुर्वेदिक कॉलेज को अस्पताल परिसर में स्थानांतरित करने, स्पाइनल इंजरी सेंटर को सक्रिय करने तथा आधुनिक बहुमंजिला चिकित्सा परिसर विकसित करने का सुझाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा था। इस पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने चिकित्सा महानिदेशक से रिपोर्ट तलब की थी।

उन्होंने कहा कि बरेली जैसे बड़े शहर में आज भी सरकारी मेडिकल कॉलेज का अभाव है, जबकि निजी अस्पतालों में इलाज आम लोगों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। उन्होंने जिला अस्पताल परिसर में आधुनिक मल्टीस्टोरी भवन, भूमिगत पार्किंग, चिकित्सकों के आवास, प्रशासनिक कार्यालयों के पुनर्गठन और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए यू-शेप प्रवेश मार्ग विकसित करने का भी सुझाव दिया है।

निर्भय सक्सेना ने स्पाइनल इंजरी सेंटर की बदहाल स्थिति, यूनानी कॉलेज के सीमित उपयोग और आयुर्वेदिक कॉलेज के स्थायी परिसर के अभाव का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी संस्थानों को एकीकृत मेडिकल परिसर का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इससे मरीजों को एक ही स्थान पर बेहतर और समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से बरेली में सरकारी मेडिकल कॉलेज तथा एम्स जैसी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधा स्थापित करने की मांग दोहराते हुए कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में बरेली को अब भी अपेक्षित सरकारी सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं, जबकि यह प्रदेश का प्रमुख शहर और भाजपा का मजबूत राजनीतिक केंद्र माना जाता है।

बरेली की बढ़ती आबादी को देखते हुए जिला अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाना समय की आवश्यकता है। सभी चिकित्सा सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने शासन से जिला अस्पताल का समग्र पुनर्विकास, स्पाइनल इंजरी सेंटर और आयुर्वेदिक कॉलेज को भी एकीकृत परिसर में शामिल करने की मांग की। साथ ही बरेली में शीघ्र सरकारी मेडिकल कॉलेज और एम्स जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं स्थापित करने का आग्रह किया।

निर्भय सक्सेना, वरिष्ठ पत्रकार