ग़ज़ल संग्रहों का हुआ विमोचन, देशभर से आए कवि-शायरों ने बांधा समां
बरेली। शुभम साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था की ओर से खुशहाली सभागार में भव्य कवि सम्मेलन एवं ग़ज़ल संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मशहूर शायर विनय सागर जायसवाल ने की।
मुख्य अतिथि के रूप में भगवती प्रसाद मिश्र ‘बेधड़क’ (गोला गोकर्णनाथ) तथा विशिष्ट अतिथि राजेश गौड़, रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’, हिमांशु श्रोतिय ‘निष्पक्ष’, प्रख्यात गीतकार कमल सक्सेना एवं समाजसेवी सुरेंद्र अग्रवाल ‘लाला’ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन संस्था के सचिव एवं मशहूर शायर राज शुक्ल ‘ग़ज़लराज’ ने किया, जबकि संस्था की अध्यक्ष सत्यवती सिंह ‘सत्या’ ने माँ शारदा की वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया।
कविताओं और ग़ज़लों ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
कवि सम्मेलन में अवजीत अवि, एस.के. कपूर ‘श्रीहंस’, उमेश त्रिगुणायत ‘अद्भुत’, नीतू गोयल, विनीता सिंह सिसोदिया, डॉ. अखिलेश कुमार गुप्ता, राम कुमार कोली, अम्न बरेलवी, अली कामरान, डी.पी. शर्मा ‘निराला’ तथा रितेश साहनी सहित अनेक कवियों और शायरों ने श्रृंगार, हास्य, वीर और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।
दो ग़ज़ल संग्रहों का हुआ लोकार्पण
इस अवसर पर ग्वालियर की कवयित्री अमिता गुप्ता एवं उनके दिवंगत पति राम नरेश गुप्ता ‘सावन’ के ग़ज़ल संग्रहों का विमोचन भी किया गया। दोनों साहित्यकार मशहूर शायर विनय सागर जायसवाल के शिष्य रहे हैं और अपनी ग़ज़लों का मार्गदर्शन उनसे प्राप्त करते रहे हैं।
इन ग़ज़ल संग्रहों का प्रकाशन साहित्य त्रिवेणी पत्रिका के संपादक डॉ. कुँअर वीर सिंह मार्तंड तथा गजेंद्र सिंह नहाटा (कोलकाता) के सहयोग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के अंत में संस्था के संरक्षक विनय सागर जायसवाल ने सभी अतिथियों, कवियों एवं साहित्य प्रेमियों का आभार व्यक्त करते हुए साहित्यिक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

Faheem Qarar is a writer, poet, and independent journalist known for his insightful work on social, cultural, and contemporary issues. His writing reflects a deep understanding of human emotions, society, and current affairs. With a passion for literature and storytelling, he regularly contributes articles, features, and opinion pieces that engage and inform readers.
