डॉ. सुरेश बाबू मिश्रा को मिला अंतरराष्ट्रीय व्यास सम्मान, बढ़ाया बरेली का गौरव

बरेली के साहित्यकार और अखिल भारतीय साहित्य परिषद, ब्रज प्रांत के अध्यक्ष डॉ. सुरेश बाबू मिश्रा को वैश्विक हिंदी संस्थान, नीदरलैंड की ओर से अंतरराष्ट्रीय व्यास सम्मान प्रदान किया गया है।

हिंदी साहित्य, शिक्षण पद्धति और भारतीय संस्कृति में उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला प्रतिष्ठित सम्मान; 51 हजार रुपये की धनराशि भी प्रदान की गई

बरेली। अखिल भारतीय साहित्य परिषद, ब्रज प्रांत के प्रांतीय अध्यक्ष एवं जाने-माने साहित्यकार डॉ. सुरेश बाबू मिश्रा को वैश्विक हिंदी संस्थान, नीदरलैंड की ओर से प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय व्यास सम्मान प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक जगत में बरेली का गौरव बढ़ाया है।

डॉ. सुरेश बाबू मिश्रा को यह सम्मान हिंदी भाषा, साहित्य, शिक्षण पद्धति और भारतीय संस्कृति के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है। वैश्विक हिंदी संस्थान, नीदरलैंड, आचार्यकुल भारत और वागीश, यूएई के संयुक्त तत्वावधान में 26 अगस्त 2026 को शारजाह में अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया था।

इस समारोह में डॉ. मिश्रा को सम्मानित करने के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण वह इसमें शामिल नहीं हो सके।

समारोह की संयोजक एवं शारजाह की वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय साहित्यकार डॉ. आरती लोकेश के माध्यम से डॉ. मिश्रा को सम्मान पत्र और 51 हजार रुपये की धनराशि का चेक 27 अक्टूबर को पंजीकृत डाक से प्राप्त हुआ। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान से अभिभूत डॉ. सुरेश बाबू मिश्रा ने प्रसन्नता व्यक्त की।

उनकी इस उपलब्धि पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद के पदाधिकारियों और बरेली के प्रमुख साहित्यकारों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी।

बधाई देने वालों में साहित्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुशील चंद्र त्रिवेदी ‘मधुपेश’, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. पवन पुत्र बादल, डॉ. महेश पांडेय ‘बजरंग’, डॉ. विपिन वार्ष्णेय, डॉ. चंद्र प्रकाश शर्मा, निरुपमा अग्रवाल, प्रोफेसर एसपी मौर्य, डॉ. विनीता सिंह, डॉ. ब्रजेश कुमार शर्मा, वीसी दीक्षित, गंगाराम पाल, मोहन चंद्र पांडेय, डॉ. अखिलेश कुमार गुप्ता और संजीव शंखधार सहित अन्य साहित्यकार शामिल हैं।

रिपोर्ट: निर्भय सक्सेना