43वें वार्षिकोत्सव में पत्रकारों और साहित्यकारों का सम्मान, “200 वर्षों की पत्रकारिता” विशेषांक का विमोचन
बरेली, 31 मई। मानव सेवा क्लब एवं भारतीय पत्रकारिता संस्थान के 43वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर शनिवार को रोटरी भवन में भव्य सम्मान समारोह एवं पत्रकारिता संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में देशभर से आए वरिष्ठ पत्रकारों, साहित्यकारों और समाजसेवियों ने भाग लिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार डॉ. जी.सी. श्रीवास्तव ने की। उन्होंने कहा कि पिछले 200 वर्षों में पत्रकारिता ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन वर्तमान समय में पत्रकारिता का मार्ग पहले की अपेक्षा कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट सेक्टर और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने पत्रकारिता के मूल स्वरूप को प्रभावित किया है।

लखनऊ से आए वरिष्ठ पत्रकार अनुपम चौहान ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की बदलती कार्यशैली और समाचारों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए।
वहीं भारतीय पत्रकारिता संस्थान के निदेशक सुरेन्द्र बीनू सिन्हा ने कहा कि पिछले चार दशकों में पत्रकारिता का चरित्र पूरी तरह बदल गया है और पत्रकारों को अपने स्वाभिमान तथा मूल्यों को बचाते हुए कार्य करना होगा।
कार्यक्रम के दौरान “200 वर्षों की पत्रकारिता में क्या पाया और क्या खोया” विषय पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। साथ ही “विविध संवाद” पत्रिका के पत्रकारिता विशेषांक का अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया।

सम्मानित हुए पत्रकार और साहित्यकारइस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान प्रदान किए गए—
- 28वां सुरेन्द्र बहादुर सिन्हा पत्रकारिता सम्मान – डॉ. जी.सी. श्रीवास्तव
- 15वां शांति सिन्हा पत्रकारिता सम्मान – अनुपम चौहान एवं अंजू शर्मा
- प्रशांत सुमन पत्रकारिता सम्मान – डॉ. अतुल मोहन सिंह
- तृतीय रुचि मलिक स्मृति साहित्य सम्मान – डॉ. शालिनी शर्मा मुक्ता

इसके अतिरिक्त वरिष्ठ पत्रकार फहीम करार सहित 15 स्थानीय पत्रकारों को स्मृति चिन्ह एवं पटका पहनाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अरुणा सिन्हा द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। मंजू सक्सेना एवं शकुन सक्सेना ने वंदेमातरम् गीत प्रस्तुत किया। प्रकाश चंद्र सक्सेना ने आव्हान गीत के माध्यम से सभी का स्वागत किया।
कार्यवाहक महासचिव मुकेश कुमार सक्सेना ने क्लब की गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन सुरेन्द्र बीनू सिन्हा ने किया जबकि आभार नरेश मलिक एवं डी.डी. शर्मा ने व्यक्त किया।

इस अवसर पर निर्भय सक्सेना, इन्द्र देव त्रिवेदी, सत्येन्द्र सक्सेना, जितेन्द्र सक्सेना, अवनीश यादव, अभय भटनागर, मंजू लता, रश्मि, अनिला, कुबेर सुमन, बेबी शर्मा, प्रियदर्शिनी शर्मा, महेश शर्मा, असित रंजन, रमेश गौतम, रंजीत पांचाले और सुनील कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

