गली आर्य समाज, शास्त्री मार्केट, कटरा मानराय और गली नवाबान में अग्निकांड का खतरा बरकरार, पार्किंग और फायर सेफ्टी पर उठे सवाल
बरेली। लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद एक बार फिर बरेली के घनी आबादी वाले बाजारों की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। शहर का कुतुबखाना क्षेत्र, जहां प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार होता है, आज भी अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी का शिकार बना हुआ है।
कुतुबखाना चौराहे के आसपास स्थित शास्त्री मार्केट, गली आर्य समाज, कटरा मानराय, गली नवाबान, जगत टॉकीज मार्केट और कनॉट प्लेस मार्केट जैसे व्यापारिक क्षेत्रों में कपड़ा, साड़ी, दवा, कॉस्मेटिक, प्लास्टिक और टेंट कारोबार की हजारों दुकानें संचालित हैं। अधिकांश बाजार संकरी गलियों में स्थित हैं, जहां किसी भी आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड या एंबुलेंस का पहुंचना बेहद कठिन है।

बीते वर्षों में इस क्षेत्र में कई अग्निकांड हो चुके हैं। गली नवाबान में टेंट सामग्री की दुकान में लगी आग में जानमाल का नुकसान भी हुआ था। उस दौरान फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मुख्य सड़क तक ही पहुंच सकी थीं और करीब 300 मीटर पाइप बिछाकर आग पर काबू पाया गया था।
पार्किंग और अतिक्रमण बड़ी समस्या
व्यापारिक गतिविधियों के बीच हजारों दोपहिया वाहन सड़कों पर खड़े रहते हैं। क्षेत्र में व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था न होने से जाम की स्थिति बनी रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी बड़े हादसे की स्थिति में राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
फायर हाइड्रेंट और सुरक्षा उपकरणों का अभाव
चीफ फायर ऑफिसर मनु शर्मा के अनुसार घनी आबादी वाले बाजारों में फायर हाइड्रेंट की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। व्यापार बंधु की बैठकों में भी इस मुद्दे को उठाया गया है। वहीं व्यापार मंडल के महामंत्री राजेश जसोरिया ने कहा कि बाजार क्षेत्र में मौजूद हाइड्रेंट प्वाइंटों को दुरुस्त कराने की मांग कई बार नगर निगम और जलकल विभाग से की जा चुकी है।
बीडीए और फायर विभाग का अभियान
हाल ही में बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने फायर विभाग और पुलिस के साथ संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान सेटेलाइट क्षेत्र के दो होटलों को सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर सील किया गया।
विभिन्न कोचिंग सेंटरों, मॉल और व्यावसायिक भवनों में भी फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास और सुरक्षा उपकरणों की जांच की गई।
उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने कहा कि सार्वजनिक उपयोग के सभी भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा और लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निर्भय सक्सेना बरेली के वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं समाजसेवी हैं। वे लंबे समय से जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और जनहित के कार्यक्रमों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग उनकी पहचान है। पत्रकारिता के साथ-साथ वे विभिन्न सामाजिक एवं साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
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