धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों पर करोड़ों की परियोजनाएं, रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
बरेली। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2014 से 2026 तक बरेली मंडल के बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिलों में पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के विकास को नई दिशा दी गई है।
पर्यटन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक तथा ईको-टूरिज्म स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
उप निदेशक पर्यटन रविन्द्र कुमार के अनुसार बरेली जिले में अहिच्छत्र, अलखनाथ मंदिर, तपेश्वरनाथ मंदिर, धोपेश्वरनाथ मंदिर, तुलसी मठ, नानकपुरी गुरुद्वारा, रानी देवी तालाब तथा अनेक प्राचीन मंदिरों के विकास कार्य कराए गए हैं।
रविन्द्र कुमार, उप निदेशक पर्यटन

विशेष रूप से नाथ कॉरिडोर परियोजना के तहत अलखनाथ, तपेश्वरनाथ, धोपेश्वरनाथ, वनखंडीनाथ, त्रिवटीनाथ, पशुपतिनाथ और तुलसी मठ को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है।
बदायूं जिले में कछला गंगा घाट, ककोरा देवी मंदिर, अशोक बुद्ध स्थल, सूर्यकुण्ड, बाबा कालसेन मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों पर पर्यटन विकास कार्य किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्री सुविधाओं का विस्तार किया गया है।

पीलीभीत में चूका क्षेत्र, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, गोमती उद्गम स्थल, ब्रह्मचारी घाट और अन्य ईको-टूरिज्म स्थलों का विकास किया गया है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
शाहजहांपुर जिले में हनुमत धाम, परशुराम मंदिर, विश्वनाथ मंदिर, मनकामेश्वरनाथ मंदिर, जलपा देवी मंदिर तथा अन्य धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।
पर्यटन विभाग द्वारा विभिन्न स्थलों पर मल्टीपरपज हॉल, यात्री विश्राम गृह, टॉयलेट ब्लॉक, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, इंटरलॉकिंग मार्ग, साइनेज, उद्यान विकास और बैठने की सुविधाएं विकसित की गई हैं।

उप निदेशक पर्यटन रविन्द्र कुमार ने बताया कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय निवेश आकर्षित होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
निर्भय सक्सेना

