उपजा प्रेस क्लब की गोष्ठी में पत्रकारिता के मूल्यों पर हुआ विमर्श
बरेली। हिन्दी पत्रकारिता दिवस के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उपजा प्रेस क्लब द्वारा एक विशेष विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता की गरिमा, निष्पक्षता और सामाजिक दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य अतिथि उपजा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. जी.सी. श्रीवास्तव तथा विशिष्ट अतिथि समर सलिल (लखनऊ) के संपादक एवं नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया (उत्तर प्रदेश इकाई) के प्रदेश कोषाध्यक्ष अनुपम चौहान ने कहा कि पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं बल्कि समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि बदलते दौर में पत्रकारों के सामने अनेक चुनौतियां हैं, लेकिन सत्य और निष्पक्षता के साथ खड़ा रहना ही पत्रकारिता की असली पहचान है।
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि पत्रकारिता की साख ही उसका सबसे बड़ा सम्मान है। पत्रकार को किसी दबाव या प्रभाव में आए बिना जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाना चाहिए।
वहीं अनुपम चौहान ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता ने पिछले 200 वर्षों में समाज को दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उपजा प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. पवन सक्सेना ने की। संचालन महामंत्री मुकेश तिवारी ने किया। अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान भी किया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकारों को ‘सारस्वत सम्मान’ प्रदान कर उनके योगदान को सराहा गया। कार्यक्रम में निर्भय सक्सेना, पुत्तन सक्सेना, नीरज आनंद, कुबेर सुमन, शुभम सिंह, सुयोग्य सिंह, शंकर लाल, अशोक शर्मा, अनूप मिश्रा, मोहम्मद शमी, धर्मेंद्र सिंह बंटी और अजय मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के उपरांत अतिथियों ने निर्भय सक्सेना के साथ लक्ष्मी नारायण मंदिर (चुन्ना मियां मंदिर) पहुंचकर दर्शन किए।

