चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए फर्जी मेडिकल का सहारा?”

शिक्षिका पर गंभीर आरोप, गर्भपात का झूठा हवाला देकर कटवाई ड्यूटी

बरेली। पंचायत चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए एक सहायक अध्यापिका पर फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र लगाने का गंभीर आरोप लगा है। कम्पोजिट विद्यालय बिथरी चैनपुर की शिक्षिका डौली ने जिलाधिकारी बरेली को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि विद्यालय की ही एक अन्य शिक्षिका अंकिता मलिक ने कूट रचित दस्तावेज़ लगाकर चुनाव ड्यूटी कटवाई है।

डॉली का आरोप है कि अंकिता ने गर्भपात का हवाला देते हुए मेडिकल लगाकर ड्यूटी से छुटकारा पा लिया, जबकि उसी अवधि में वह विद्यालय में नियमित उपस्थित रहीं।

डीएम बरेली अविनाश सिंह।

शिकायत में कहा गया है कि यह कृत्य न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि धोखाधड़ी और कूटरचना जैसी धाराओं में भी आता है। प्रार्थना पत्र में डीएम से मांग की गई है कि मामले की जांच कराई जाए और यदि प्रमाणपत्र फर्जी पाया जाए तो संबंधित शिक्षिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

प्रशासनिक हलकों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पंचायत चुनाव जैसी संवेदनशील ड्यूटी में इस तरह के आरोपों ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।

 क्या है मामला?

कम्पोजिट विद्यालय बिथरी चैनपुर की सहायक अध्यापिका अंकिता मलिक पर पंचायत चुनाव की बी.एल.ओ. ड्यूटी से बचने के लिए फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र लगाने का आरोप।

सहकर्मी अध्यापिका डौली ने डीएम को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया।

आरोप है कि गर्भपात का हवाला देकर मेडिकल लगाया गया, जबकि उसी अवधि में विद्यालय में उपस्थिति दर्ज।

शिकायतकर्ता ने चिकित्सीय प्रमाणपत्र की जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की।

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