टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर अनिवार्यता के विरोध में आंदोलन का ऐलान

टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर अनिवार्यता के विरोध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने 18 जून को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया।

लखनऊ। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) ने टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। संगठन ने कहा है कि 18 जून को देश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा।

संसद सत्र से पहले सांसदों को सौंपे जाएंगे ज्ञापन

उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर संजय मेधावी ने बताया कि टीईटी लागू होने से पहले सेवा में आए शिक्षकों को विधायी और नीतिगत संरक्षण दिलाने के लिए आंदोलन शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को भी ज्ञापन सौंपकर विशेष प्रावधान या विधायी संशोधन की मांग की जाएगी।

प्रेस वार्ता के दौरान संघ के पदाधिकारीगण।

पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्तियां पूरी तरह वैध

प्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल सिंह ने कहा कि वर्ष 2010 से पूर्व तथा उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय लागू नियमों और पात्रता मानकों के अनुरूप हुई थीं। इसलिए बाद में निर्धारित पात्रता शर्तों को पूर्व प्रभाव से लागू करना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।

लाखों शिक्षकों के भविष्य का सवाल

प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर सिंह ने कहा कि लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। टीईटी अनिवार्यता को पूर्व प्रभाव से लागू करना नैसर्गिक न्याय, समानता और सेवा नियमों के सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और संसद को इस मामले में हस्तक्षेप कर शिक्षकों को राहत प्रदान करनी चाहिए।

75 जिलों में होगा व्यापक प्रदर्शन

प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश महामंत्री प्रदीप कुमार तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश शिक्षकों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने देगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में संगठन के पदाधिकारी, सदस्य और समर्थक शिक्षक 18 जून को जिला मुख्यालयों पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।

14 लाख से अधिक शिक्षकों का प्रतिनिधित्व

महासंघ के अनुसार अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ देश का एक प्रमुख शिक्षक संगठन है, जिसके 14 लाख से अधिक सदस्य हैं। संगठन लंबे समय से शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, शैक्षिक उन्नयन और राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के लिए कार्य कर रहा है।

प्रेस वार्ता में प्रदेश कोषाध्यक्ष नीलमणि शुक्ल, प्रदेश मंत्री डॉ. श्वेता, लखनऊ मंडल अध्यक्ष महेश मिश्रा, जिलाध्यक्ष अनुराग राठौर, जिला संगठन मंत्री आशीष मिश्रा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

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