सहित 75 जिलों में प्रदर्शन, प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम भेजा गया ज्ञापन
बरेली। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर 18 जून 2026 को उत्तर प्रदेश सहित देशभर के विभिन्न जिलों में विशाल प्रदर्शन एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। बरेली में भी शिक्षकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को राहत देने की मांग
ज्ञापन में मांग की गई कि वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों तथा उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए और उनकी सेवा, वरिष्ठता एवं अन्य लाभों का पूर्ण संरक्षण किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर संगठन का पक्ष
जिला महामंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि संगठन सर्वोच्च न्यायालय के 29 मई 2026 के निर्णय का सम्मान करता है, लेकिन केंद्र सरकार एवं संसद को लाखों शिक्षकों के हित में आवश्यक विधायी और नीतिगत कदम उठाने चाहिए।
अनुभवी शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा जरूरी
जिला कोषाध्यक्ष परीक्षित गंगवार ने कहा कि दशकों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव, कार्यकुशलता और योगदान को ध्यान में रखते हुए उनके सेवा अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। यह न्याय, समानता और विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के अनुरूप होगा।
केंद्र सरकार से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ बरेली ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असमंजस और अनिश्चितता का शीघ्र समाधान किया जाए।
सैकड़ों शिक्षकों ने किया समर्थन
ज्ञापन कार्यक्रम में संगठन की जिला एवं ब्लॉक कार्यकारिणी के साथ बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लेकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
निर्भय सक्सेना बरेली के वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं समाजसेवी हैं। वे लंबे समय से जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और जनहित के कार्यक्रमों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग उनकी पहचान है। पत्रकारिता के साथ-साथ वे विभिन्न सामाजिक एवं साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
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