‘बोइंग 787 ड्रीमलाइनर बनाने में बरती गई लापरवाही’, इंजीनियर ने पहले ही जताई थी अहमदाबाद जैसे हादसे की आशंका

अहमदाबाद। बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों से जुड़ी तकनीकी खामियों को लेकर पहले भी चिंताएं उठती रही हैं, लेकिन अहमदाबाद में हुआ हालिया हादसा अब तक का सबसे भयावह माना जा रहा है। एविएशन सेफ्टी नेटवर्क के अनुसार, ड्रीमलाइनर विमान के साथ पहले हुई घटनाओं में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ था। पर अब सामने आ रहा है कि खुद बोइंग कंपनी के एक पूर्व इंजीनियर ने इस तरह के बड़े हादसे की आशंका अप्रैल 2024 में ही जता दी थी।

इंजीनियर का बड़ा खुलासा: ‘शॉर्टकट’ से जोड़ा गया था विमान का ढांचा

बोइंग के पूर्व इंजीनियर सैम सालेहपोर ने गंभीर आरोप लगाए थे कि कंपनी 787 ड्रीमलाइनर जेट के निर्माण में ‘शॉर्टकट’ अपना रही है। उनके अनुसार, विमान के मुख्य हिस्से अलग-अलग बनाकर बाद में जोड़ दिए जाते हैं, जिससे कई जगहों पर छोटे गैप रह जाते हैं। ये अंतराल न केवल विमान की संरचनात्मक मजबूती को कमजोर करते हैं, बल्कि कुछ हज़ार उड़ानों के बाद विमान बीच से टूट सकता है

उन्होंने कहा था कि बोइंग पर्याप्त गुणवत्ता नियंत्रण के बिना इन हिस्सों को जोड़ती है, जिससे इसकी सेवा-आयु घटती है और सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडराता है।

FAA ने शुरू की थी जांच, पर बोइंग ने किया था इनकार

इन आरोपों के बाद अमेरिका के संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) ने जांच शुरू की थी। हालांकि बोइंग ने दावा किया था कि उनके सभी विमानों की सुरक्षा व्यापक परीक्षणों के बाद सुनिश्चित की गई है और उड़ान से जुड़ा तत्काल कोई खतरा नहीं है।

अब अहमदाबाद हादसे के बाद एक बार फिर बोइंग के सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

✈️ ड्रीमलाइनर से पहले भी जुड़े रहे हैं विवाद

बोइंग के विमानों से जुड़ी कई घटनाएं बीते वर्षों में सुर्खियों में रही हैं:

  • 24 जनवरी 2025: यूनाइटेड एयरलाइंस का बोइंग 787-8 विमान कोट डी आइवर के ऊपर उड़ान भरते समय दोनों इनर्शियल रेफरेंस यूनिट (IRU) में खराबी के कारण अचानक ऊंचाई से नीचे आया, जिससे 38 लोग घायल हुए।
  • 18 जून 2021: लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट पर पार्किंग के दौरान ब्रिटिश एयरवेज के 787-8 विमान का नोज़ ज़मीन से टकराया। इसमें कार्गो क्रू और सह-पायलट को मामूली चोटें आईं।

⚖️ 737 मैक्स हादसे और कानूनी लड़ाई

बोइंग पहले ही अपने 737 मैक्स विमान से जुड़े दो बड़े हादसों (2018 और 2019) को लेकर कानूनी विवादों में फंसी रही है, जिनमें 346 लोगों की मौत हुई थी।

जनवरी 2024 में भी अलास्का एयरलाइंस की एक उड़ान में 737 मैक्स 9 विमान के दरवाजे में छेद हो गया था, जिससे यात्रियों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

इन सब मामलों में बोइंग ने अमेरिकी न्याय विभाग के साथ कोर्ट के बाहर समझौता किया है, जिसमें कंपनी को अपनी आपराधिक जिम्मेदारी से बचने के बदले जुर्माना भरना होगा, और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजा कोष में योगदान देना होगा।

🧰 गुणवत्ता नियंत्रण में लगातार लापरवाही के आरोप

बोइंग का नॉर्थ चार्ल्सटन प्लांट वर्ष 2019 से ही गुणवत्ता नियंत्रण की खामियों को लेकर जांच के घेरे में है। कई बार यह पाया गया कि:

  • सीटें ठीक से नहीं कसी गई थीं
  • नट-बोल्ट अधूरे या ढीले थे
  • फ्यूल-लाइन क्लैंप असुरक्षित थे

इतना ही नहीं, इतालवी जांच एजेंसियों ने भी पाया कि 787 विमानों में इस्तेमाल की गई टाइटेनियम और एल्युमीनियम मिश्र धातुएं घटिया गुणवत्ता की थीं, जो सुरक्षा के लिहाज़ से चिंताजनक हैं।

📚 ड्रीमलाइनर का इतिहास और विवादों का सफर

बोइंग 787 ड्रीमलाइनर परिवार का पहला मॉडल, 787-8, वर्ष 2004 में लॉन्च हुआ था।

  • पहली उड़ान: 15 दिसंबर, 2009
  • व्यावसायिक सेवा में शुरुआत: अक्टूबर 2011 (ऑल निप्पॉन एयरवेज के साथ)
  • यात्री क्षमता: 210–248 यात्रियों तक

हालांकि इसकी आधुनिक तकनीक और ईंधन-कुशल डिज़ाइन इसे विशिष्ट बनाते हैं, लेकिन गुणवत्ता और सुरक्षा के मामलों में लगातार उठते सवालों ने इसकी विश्वसनीयता को गहरा आघात पहुंचाया है।

अहमदाबाद में हुआ ड्रीमलाइनर हादसा न केवल मानवीय त्रासदी है, बल्कि यह बोइंग जैसे वैश्विक विमान निर्माता की गंभीर लापरवाही का प्रमाण भी बनता जा रहा है। जब तक निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर कठोर और पारदर्शी निगरानी नहीं होगी, तब तक हवाई यात्रा का भरोसा खतरे में रहेगा।

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